देहरादून: देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में मिले अज्ञात महिला के शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस में महिला के पहले पति को ही आरोपी पाया गया, जिसने गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को कट्टे में भरकर जंगल में फेंक दिया था।
11 मार्च को मिला था शव
11 मार्च को बालासुंदरी मंदिर परिसर के पास एक सफेद कट्टे में अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। शव करीब 4-5 दिन पुराना था और चेहरा खराब होने के कारण पहचान संभव नहीं हो पा रही थी।
जांच के लिए बनाई गईं 8 टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 8 टीमें गठित कीं और करीब 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने 30 से अधिक झुग्गी-बस्तियों में सत्यापन अभियान चलाते हुए 5000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की।
ऐसे पहुंची पुलिस आरोपी तक
जांच के दौरान कॉसवाली कोठरी क्षेत्र में एक मजदूर की पत्नी के अचानक गायब होने की जानकारी मिली। पुलिस ने संदिग्ध रंजीत शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
हत्या की वजह
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी की पहली पत्नी रूपा, जो पहले उसे छोड़कर चली गई थी, एक साल पहले फिर संपर्क में आई। फरवरी 2026 में वह अपनी 11 माह की बच्ची के साथ देहरादून पहुंची और आरोपी पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बनाने लगी।
5 मार्च की रात इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
शव को ऐसे लगाया ठिकाने
हत्या के बाद आरोपी ने शव को कट्टे में भरकर कमरे में छिपा दिया और चार दिन तक मौके का इंतजार करता रहा। 8 मार्च को उसने शव को मोटरसाइकिल से ले जाकर शीतला माता मंदिर के पास जंगल में फेंक दिया।
पुलिस की मेहनत लाई रंग
महिला की पहचान न होने के बावजूद पुलिस ने खुद वादी बनकर जांच जारी रखी। आखिरकार 5000 लोगों के सत्यापन और गहन जांच के बाद आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
गिरफ्तार आरोपी:
रंजीत शर्मा (32 वर्ष), निवासी सहरसा, बिहार
वर्तमान पता: भाटोवाला, देहरादून
मृतका:
रूपा (32 वर्ष), निवासी सहरसा, बिहार
पुलिस टीम को इनाम
मामले का खुलासा करने वाली टीम को गढ़वाल रेंज पुलिस के आईजी द्वारा ₹5000 और एसएसपी देहरादून द्वारा ₹2500 का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
