हरिद्वार। हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में शिकारियों ने दो बाघों की हत्या कर उनके चारों पैर काट दिए। जंगल में क्षत-विक्षत शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। मारे गए दोनों बाघ करीब दो वर्ष के थे—एक नर और एक मादा—और प्रारंभिक जांच में उन्हें जहर देकर मारने की आशंका जताई गई है।
वन विभाग के अनुसार रविवार शाम साढ़े छह बजे सजनपुर बीट (श्यामपुर कम्पार्टमेंट संख्या-09) में सर्च ऑपरेशन के दौरान एक बाघ का शव मिला। पास ही एक मृत भैंस भी पड़ी थी। जांच में संकेत मिले कि मृत भैंस पर जहरीला पदार्थ छिड़का गया था। बाघ ने उसका मांस खाने के बाद दम तोड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने बाघ के पैर काट लिए और शव जंगल में ही छोड़कर फरार हो गए।
मंगलवार को वन प्रभाग ने गुज्जर डेरा, श्यामपुर निवासी आलम उर्फ फम्मी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के आधार पर सजनपुर बीट में ही घटनास्थल से लगभग 150 मीटर दूर एक अन्य मादा बाघ का शव भी बरामद हुआ, जिसके भी पैर कटे मिले। मामले में आमिर हमजा उर्फ मियां, आशिक और जुप्पी निवासी गुर्जर बस्ती, श्यामपुर फरार बताए जा रहे हैं।
डीएफओ हरिद्वार स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि दोनों बाघ एक ही बाघिन के शावक थे। मौके से दांत और खाल सुरक्षित बरामद कर ली गई है। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है।
मां बाघिन की तलाश तेज, 10 कैमरा ट्रैप और 50 वनकर्मी तैनात
दो वर्षीय शावकों के शिकार के बाद अब वन विभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन उनकी मां बाघिन की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। उसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए श्यामपुर, चीला और रवासन क्षेत्र में 10 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। करीब 50 वनकर्मियों और अधिकारियों की टीम लगातार गश्त कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक शावक अभी पूरी तरह स्वतंत्र नहीं थे और संभावना है कि वे अपनी मां के साथ ही विचरण कर रहे थे। बाघिन की निगरानी कैमरा ट्रैप और जंगल में मिले मूवमेंट के आधार पर की जा रही है।
चीला रेंज से आते हैं अधिकांश बाघ
राजाजी टाइगर रिजर्व में कुल 51 बाघों में से लगभग 70 प्रतिशत चीला रेंज में पाए जाते हैं, जो श्यामपुर क्षेत्र से सटी है। हरिद्वार वन प्रभाग के अन्य हिस्सों में दिखने वाले बाघ भी अधिकतर रिजर्व क्षेत्र से ही आते हैं।
कॉर्बेट में दो पालतू हाथी लापता
इधर, रामनगर स्थित कॉर्बेट नेशनल पार्क के झिरना रेंज में मंगलवार शाम दो पालतू मादा हाथी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। पार्क प्रशासन को आशंका है कि वे जंगली हाथियों के झुंड के साथ निकल गए हैं। देर रात तक खोजबीन जारी रही, लेकिन उनका पता नहीं चल सका। दोनों हाथियों को गश्त के लिए तैनात किया गया था।