उत्तरकाशी आपदा: मौसम खराब…दिन भर नहीं उड़े हेलिकॉप्टर, सोनगाड में राफ्ट के जरिये शुरू की गई आवाजाही

मौसम खराब होने के कारण दिन भर हेली सेवा सुचारू नहीं हो पाई। जिससे राहत सामान आपदा प्रभावित क्षेत्रों में नहीं पहुंच पाई। वहीं सोनगाड में भागीरथी नदी के बढ़े जलस्तर के कारण राफ्ट के माध्यम से रसोई गैस सिलिंडरों को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाया गया। पैदल आवाजाही कर रहे लोगों को भी आरपार करवाया गया। आज

रविवार को जनपद में दिन भर मौसम खराब होने के कारण हेली सेवा का संचालन नहीं हो पाया। जिससे हेली सेवा के माध्यम से किया जाने वाला रेन्क्यू ऑपरेशन भी नहीं हो पाया। वहीं रसद भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में नहीं पहुंच पाई। धराली से बड़कोट जाने वाली एनडीआरएफ की एक टुकड़ी दिन भर आर्मी हेलिपैड पर हेली सेवा का संचालन शुरू होने का इंतजार करती रही।

 

सोनगाड के पैदल मार्ग पर भागीरथी नदी का पानी आने के कारण आवाजाही बंद है। रसद साम्रगी भी नहीं आ पा रही थी। इसलिए डीएम केे निर्देश पर वहां पर नदी में राफ्ट के माध्यम से 57 रसोई गैस सिलिंडर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाए गए। साथ ही 45 लोगों को भी आरपार करवाया गया। आपदा प्रभावित क्षेत्र में अभी भी कई स्थानीय लोग और मजदूर फंसे हुए हैं।

आपदा प्रभावितों के लिए एक माह का अग्रिम राशन भेजा

हर्षिल-धराली में आई प्राकृतिक आपदा के बाद प्रभावित परिवारों के लिए एक माह का अग्रिम राशन सस्ते गल्ले की दुकानों तक भेज दिया गया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों पर पूर्ति विभाग ने यह कदम उठाया है। पूर्ति विभाग ने सबसे पहले राजकीय अन्न भंडार, झाला में खाद्यान्नों का पर्याप्त भंडारण किया। इसके बाद वहां से क्षेत्र के आठ गांवों के लिए अग्रिम राशन भेजा गया है और इसका वितरण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। डीएम प्रशांत आर्य ने कहा है कि आपदा की स्थिति में जरूरतमंद लोगों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को राशन की उपलब्धता और वितरण पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

डीएम ने वीसी के जरिए की राहत कार्यों की समीक्षा

हर्षिल-धराली में प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शनिवार देर शाम आपदा कंट्रोल रूम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की एक बैठक ली। डीएम ने प्रभावित क्षेत्र में खाद्यान्न वितरण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, संचार और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डबराणी के पास गंगोत्री राजमार्ग के क्षतिग्रस्त होने के कारण आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए हेलीकॉप्टर के अलावा घोड़े और खच्चरों का भी उपयोग किया जाए। इसके अलावा डीएम ने अधिकारियों को डबराणी के पास मार्ग को जल्द से जल्द सुचारू करने और हर्षिल में बनी झील को नियंत्रित तरीके से खोलने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों से आपदा से निपटने के लिए आपसी तालमेल और टीम भावना से कार्य करने को भी कहा।

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