उत्तराखंड विधानसभा सत्र: कार्यमंत्रणा समिति से यशपाल व प्रीतम का इस्तीफा, कहा- एकतरफा निर्णय ले रही सरकार

विधानसभा कार्यमंत्रणा समिति से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि प्रदेश सरकार संख्या बल के आधार पर सदन को संचालित करना चाहती है। समिति के सदस्यों को विश्वास में न लेकर सरकार एकतरफा निर्णय ले रही है जिससे समिति में सदस्यों का होना कोई औचित्य नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व विधायक प्रीतम सिंह की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा भेजा गया। मानसून सत्र के लिए 18 अगस्त को कार्यमंत्रणा की बैठक बुलाई गई। इसमें 19 अगस्त को एक दिन का सदन संचालन के लिए एजेंडा तय किया गया। आगे सदन को चलाने के लिए 19 अगस्त को दोबारा कार्यमंत्रणा की बैठक होनी थी लेकिन कार्यमंत्रणा की बैठक नहीं बुलाई गई। 20 अगस्त को अपराह्न सत्रावसान कर दिया।

इस निर्णय को लेने से पहले सरकार ने कार्यमंत्रणा समिति के सदस्यों को भरोसे में नहीं लिया। सरकार सदन चलाने में तानाशाही का रवैया अपना रही है। दो दिन में मानसून सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना प्रदेश की जनता के साथ धोखा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार की मनमानी से आहत होकर मेरे साथ विधायक प्रीतम सिंह ने सदस्य पद से इस्तीफा दिया है।

बता दें कि नेता प्रतिपक्ष व विधायक प्रीतम सिंह पूर्व में भी कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफा दे चुके थे लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया था। उधर, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि अभी तक मुझे इस्तीफा नहीं मिला है। यदि इस्तीफा भेजा है तो विधानसभा सचिव को मिला होगा।

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