चारधाम यात्रा अपडेट : उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब चारधाम मार्ग पर दिन के समय केवल तीर्थयात्रियों के वाहन चल सकेंगे, जबकि भारी और मालवाहक वाहनों को रात 9 बजे के बाद ही अनुमति दी जाएगी।
रोशनाबाद स्थित एआरटीओ कार्यालय में ग्रीन कार्ड प्रणाली के शुभारंभ के अवसर पर परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यात्रा अवधि के दौरान दिन में मालवाहक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिलेगी। तीर्थयात्रा सुबह से रात 9 बजे तक संचालित होगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार चारधाम यात्रा के लिए समय-सीमा निर्धारित करने पर भी काम कर रही है। इस अवसर पर एनआईसी उत्तराखंड के वरिष्ठ निदेशक हिमांशु कुमार और संयुक्त निदेशक रमन पुंडीर के योगदान की सराहना की गई।
ग्रीन कार्ड अनिवार्य, पहले दिन जारी हुए 11 कार्ड
हरिद्वार से चारधाम जाने वाले 11 व्यावसायिक यात्री वाहनों को पहले दिन ग्रीन कार्ड जारी किए गए। ग्रीन कार्ड केवल उन्हीं वाहनों को दिया जा रहा है जो तकनीकी जांच और दस्तावेज सत्यापन में फिट पाए जा रहे हैं।
मंत्री बत्रा ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर ग्रीन कार्ड काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि समय पर प्रक्रिया पूरी हो सके।
ऋषिकेश में पहले दिन बने 40 ग्रीन कार्ड
ऋषिकेश में भी सोमवार से व्यावसायिक वाहनों के ग्रीन कार्ड बनने शुरू हो गए। पहले दिन 40 बस, टैक्सी और मैक्सी वाहनों को ग्रीन कार्ड जारी किए गए। पिछले वर्ष पहले दिन केवल 13 ग्रीन कार्ड बने थे, जबकि इस बार संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
एआरटीओ कार्यालय में हवन-यज्ञ के बाद ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने रिबन काटकर औपचारिक शुरुआत की।
परिवहन विभाग के अनुसार, चारधाम यात्रा के लिए व्यावसायिक वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य है। दस्तावेजों, फिटनेस सर्टिफिकेट और अन्य आवश्यक मानकों की जांच के बाद ही कार्ड जारी किया जा रहा है।