भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र के पांचवे दिन एलपीजी मुद्दे पर हंगामा, कांग्रेस ने दिया धरना

भराड़ीसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का आज पांचवां दिन है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित मंत्री और विधायक सदन में पहुंच गए हैं और कार्यवाही शुरू हो चुकी है। इस बीच रसोई गैस की किल्लत को लेकर कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया।

एलपीजी आपूर्ति को लेकर फिर गरमाया सदन

विधानसभा सत्र के चौथे दिन भी एलपीजी आपूर्ति के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने सरकार को एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

विपक्ष ने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा न होने का आरोप लगाते हुए विरोध किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही करीब 45 मिनट तक स्थगित करनी पड़ी।

नियम 310 के तहत उठाया गया मुद्दा

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने नियम 310 के तहत प्रदेश में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा उठाया।

विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर भोजनावकाश के बाद नियम 58 के तहत चर्चा कराने का निर्णय दिया।

सरकार ने बताया केंद्र का विषय

दोपहर तीन बजे सत्र दोबारा शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि एलपीजी आपूर्ति केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है, इसलिए इस पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण केंद्र सरकार ने फिलहाल व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर रोक लगाई है, जबकि घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है।

सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष

सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने चर्चा की मांग करते हुए विरोध किया। विपक्ष का कहना था कि जब पीठ ने नियम 310 पर निर्णय दिया है तो सरकार चर्चा से क्यों बच रही है।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में एलपीजी गैस के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को भी गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं।

कालाबाजारी पर कार्रवाई के निर्देश

संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को एलपीजी की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नैनीताल जिले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *