बकरीद पर देहरादून में उल्लास, मस्जिदों और ईदगाहों में अदा हुई नमाज; शहर को 5 जोन और 11 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

देहरादून: त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) आज देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही प्रदेशभर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की जा रही है। देहरादून में मुख्य नमाज चकराता रोड स्थित ऐतिहासिक ईदगाह में अदा की गई, जहां हजारों की संख्या में अकीदतमंद पहुंचे और अमन, भाईचारे व खुशहाली की दुआ मांगी।

 

बकरीद को लेकर बुधवार को पूरे दिन बाजारों में खरीदारी का दौर जारी रहा। देर रात तक देहरादून के पलटन बाजार, धामावाला, चकराता रोड और अन्य प्रमुख बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली। कपड़ों, सेवइयों, इत्र और अन्य सामानों की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। वहीं मंडियों में दिनभर बकरों की खरीदारी होती रही। मुस्लिम समुदाय में पर्व को लेकर खासा उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।

 

शहर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज की तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। चकराता रोड स्थित ईदगाह में सुबह 7:30 बजे नमाज अदा की गई। इसके अलावा सुभाष नगर माजरा ईदगाह में सुबह 7 बजे, मुस्लिम कॉलोनी ईदगाह में 7:15 बजे, पलटन बाजार जामा मस्जिद ईदगाह में 8 बजे, धामावाला बाजार जामा मस्जिद में 7 बजे, नया नगर स्थित इनामुल्लाह बिल्डिंग जामा मस्जिद में 7:45 बजे, माजरा जामा मस्जिद में 7:30 बजे, बड़ी मस्जिद कारगी में 7 बजे, मस्जिद दिलाराम बाजार में 7 बजे और जामा मस्जिद ईसी रोड में भी सुबह 7 बजे नमाज अदा की गई।

 

देहरादून के शहर काजी मुफ्ती हशीम अहमद कासमी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ईद की नमाज, कुर्बानी और तमाम दीनी अमल शरीअत, सफाई और कानून के दायरे में रहकर किए जाएं। उन्होंने कहा कि कुर्बानी के बाद साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और जानवरों के अवशेष खुले स्थानों पर न डाले जाएं। उन्होंने लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की।

 

ईद-उल-जुहा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दून पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पूरे नगर क्षेत्र को 5 जोन, 11 सेक्टर और 35 सब सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है, जबकि सेक्टरों में निरीक्षक और थानाध्यक्ष तथा सब सेक्टरों में उपनिरीक्षकों की तैनाती की गई है।

 

संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सभी थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों और हल्का प्रभारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने पर्व से पहले विभिन्न थाना क्षेत्रों में सर्वधर्म समुदाय के गणमान्य लोगों के साथ बैठकें आयोजित कर आपसी भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने की अपील की थी।

 

पुलिस प्रशासन ने खुले में कुर्बानी देने और अवशेषों को खुले में परिवहन करने पर रोक लगाई है। साथ ही मुस्लिम समुदाय से निर्धारित स्थानों पर ही कुर्बानी देने और सड़क पर नमाज न पढ़ने का अनुरोध किया गया है।

 

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पूर्व में विवादों में शामिल रहे तथा गौकशी और अवैध पशु कटान से जुड़े लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिशों को समय रहते रोका जा सके।

 

उन्होंने साफ चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें प्रसारित करने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

 

वहीं आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने भी बकरीद पर्व को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और शांति समिति की बैठकों के संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या माहौल बिगाड़ने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस का सोशल मीडिया सेल सक्रिय रूप से काम करे। भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले अवांछित तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

 

आईजी ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति या असामाजिक तत्व क्षेत्र का माहौल खराब करने या शांति भंग करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी नई परंपरा या प्रथा की अनुमति नहीं दी जाएगी और पूर्व के वर्षों से चली आ रही मान्यताओं तथा निर्धारित एसओपी के अनुसार ही सभी कार्यक्रम संपन्न कराए जाएंगे।

 

बकरीद के अवसर पर देहरादून शहर में भाईचारे, सौहार्द और धार्मिक आस्था का माहौल देखने को मिला।

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