हरिद्वार कुंभ 2027: फर्जी साधुओं पर होगी सख्ती, अखाड़ा परिषद ने पहचान पत्र किया अनिवार्य

हरिद्वार:  कुंभ मेला 2027 को भव्य और दिव्य बनाने के लिए सरकार और संत समाज ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि कुंभ से जुड़े स्थायी और अस्थायी निर्माण कार्य 31 अक्टूबर तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं।

इसी के साथ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कुंभ में फर्जी साधुओं की एंट्री रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है। परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि बिना पहचान पत्र के किसी भी साधु को कुंभ में प्रवेश नहीं मिलेगा।

पहचान पत्र और आधार अनिवार्य

अखाड़ा परिषद महंत रविंद्रपुरी ने सभी अखाड़ों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने साधुओं को आधिकारिक पहचान पत्र जारी करें। साथ ही साधुओं को अपना आधार कार्ड भी साथ रखना अनिवार्य होगा।

रविंद्रपुरी ने कहा कि बिना पहचान पत्र के पाए जाने वाले भगवाधारियों की जांच की जाएगी और फर्जी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

फर्जी साधुओं पर सख्त कार्रवाई

परिषद ने स्पष्ट किया है कि पुलिस और प्रशासन के सहयोग से एक मजबूत सत्यापन प्रणाली बनाई जाएगी, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था और धोखाधड़ी को रोका जा सके।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेला सनातन परंपरा और आस्था का प्रतीक है, और फर्जी साधु इस पवित्र आयोजन की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।

सरकार ने दिए सख्त निर्देश

इस बीच, उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में सभी कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं के शासनादेश (GO) अभी जारी नहीं हुए हैं, उन्हें तुरंत जारी किया जाए।

191 करोड़ से अधिक के कार्य प्रस्तावित

मेलाधिकारी सोनिका के अनुसार, कुंभ 2027 के लिए विभिन्न विभागों द्वारा ₹191.30 करोड़ की लागत से 33 कार्य किए जाने हैं।

इसके अलावा, चंडीदेवी मंदिर और मनसा देवी मंदिर से जुड़े विकास कार्यों को भी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

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