गैरसैंण। भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन गैरसैंण में उस समय माहौल गरमा गया जब उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। स्थायी राजधानी, अंकिता भंडारी हत्याकांड और अन्य जनसमस्याओं को लेकर यूकेडी ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया था, जिसके तहत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दिवालीखाल क्षेत्र में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
दरअसल ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में करीब सात माह बाद धामी सरकार के पहुंचने के साथ ही बजट सत्र की शुरुआत हुई। इसी को देखते हुए यूकेडी कार्यकर्ताओं ने सरकार पर राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दिवालीखाल में एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने स्थायी राजधानी की मांग, अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और प्रदेश की अन्य समस्याओं को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता पुलिस को चकमा देकर विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने में सफल हो गए। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस को मिली, मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए करीब 10 से 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
इस बीच यूकेडी कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ियों को रोक दिया और जिन आंदोलनकारियों को हिरासत में ले जाया जा रहा था, उन्हें गाड़ियों से नीचे उतार लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे कुछ देर के लिए मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी और हालात को नियंत्रण में लिया।