गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा में शुक्रवार को बजट पर बहस का दौर चला। सत्ता पक्ष ने इसे “विकसित उत्तराखंड 2047” के संकल्प और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखा गया बजट बताया, जबकि विपक्ष ने इसे निराशाजनक बताते हुए कहा कि इसमें आम जन के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं है।
गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के पांचवें दिन बजट चर्चा देर रात 12:30 बजे तक चली। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 111703.21 करोड़ रुपये का बजट पारित किया। इसके बाद सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
बजट में वृद्धि और प्रमुख आंकड़े
मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार को सदन में बजट पेश करते हुए बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष की तुलना में बजट में 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इस बजट में सरकार ने आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ज्ञान और संतुलन का मंत्र दिया।
सरकार को नए वित्तीय वर्ष में कुल 111703.21 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है, जिसमें राजस्व प्राप्तियाँ 67525.77 करोड़ रुपये, और पूंजीगत प्राप्तियाँ 42617.35 करोड़ रुपये, इसके अलावा, कर मुक्त बजट में राजस्व घाटे का अनुमान नहीं लगाया गया, जबकि राजकोषीय घाटा 12579.70 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री का विशेष बयान
यह पहला अवसर था जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि यह बजट सभी वर्गों के हितों और राज्य के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।