नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल में घूमने आई दिल्ली की एक युवती के साथ टैक्सी चालक द्वारा दुष्कर्म का प्रयास करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि चालक ने युवती का अपहरण करने की कोशिश की, विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की और फोन छीन लिया। किसी तरह युवती आरोपी के चंगुल से छूटकर नंगे पैर ही जंगल की ओर भाग निकली और पूरी रात डर के साये में जंगल में छिपकर बिताई।
पीड़िता ने बताया कि वह प्रकृति प्रेमी है और अक्सर शांत स्थानों पर घूमने जाती है। इसी वजह से वह नैनीताल घूमने आई थी। उसे उम्मीद थी कि पहाड़ों की शांति और लोगों की सादगी उसे सुकून देगी, लेकिन रास्ते में हुई घटना ने उसे अंदर तक झकझोर दिया।
पूरी घटना की जानकारी
युवती के अनुसार उसने गुरुवार को हल्द्वानी निवासी दीपक बोरा की टैक्सी किराये पर ली थी। नैनीताल से करीब 12 किलोमीटर पहले आरोपी चालक ने कार को पटवाडांगर मार्ग पर जंगल की ओर मोड़ लिया। युवती के विरोध करने पर उसने गाड़ी तेज भगा दी और करीब दो किलोमीटर आगे ले जाकर जबरदस्ती करने की कोशिश की। इस दौरान आरोपी ने युवती का फोन भी छीन लिया। बताया जा रहा है कि घटना के समय चालक नशे में धुत था।
नंगे पैर भाग कर बचाई जान
युवती ने विरोध किया तो दोनों के बीच हाथापाई हो गई। इसी दौरान वह टैक्सी से उतरकर नंगे पैर ही जंगल की ओर भाग निकली। आरोपी ने कुछ दूरी तक उसका पीछा भी किया, लेकिन युवती सड़क के नीचे बने एक कलवर्ट में छिप गई और पूरी रात वहीं डरी-सहमी बैठी रही।
पीड़िता ने बताया कि रातभर हर आहट पर उसका दिल जोर-जोर से धड़कने लगता था। ठंड और डर के बीच उसने किसी तरह पूरी रात बिताई। उसके मन में बस यही विचार था कि किसी तरह आरोपी के चंगुल से बचना है। अंधेरे जंगल में वह काफी दूर तक भागती रही ताकि आरोपी की नजरों से दूर हो सके।
8 घंटे तक किया संघर्ष
सुबह उजाला होने पर युवती ने हिम्मत जुटाई और सड़क की ओर निकलकर मदद मांगी। वह बल्दियाखान क्षेत्र में एक महिला के पास पहुंची और पूरी घटना बताई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। युवती ने बताया कि इस दौरान उसने करीब आठ घंटे तक संघर्ष किया।
पीड़िता ने भावुक होकर कहा कि वह प्रकृति से बेहद लगाव रखती है और शायद उसी प्रकृति ने उसे उस हैवान से बचा लिया। पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी टैक्सी चालक को गिरफ्तार कर लिया है।