हरिद्वार। उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर प्रणाली का शुभारंभ 7 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। इस सुविधा के लागू होने के बाद लोगों को मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। हालांकि, दर्ज एफआईआर पर हस्ताक्षर करने के लिए तीन दिन के भीतर संबंधित थाने में उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
जानकारी के अनुसार अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार में एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान ई-जीरो एफआईआर प्रणाली का औपचारिक लॉन्च भी किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम स्थल पर विशाल पंडाल लगाया जाएगा, जहां नए आपराधिक कानूनों को लेकर विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।
प्रदर्शनी में दिखेगा पुलिस का आधुनिकीकरण
प्रदर्शनी के माध्यम से फॉरेंसिक जांच की नई और उन्नत प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली और आधुनिकीकरण को दर्शाने वाले कई स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल), साइबर अपराध शाखा, जेल प्रशासन, कोर्ट और अभियोजन निदेशालय से जुड़े स्टॉल शामिल होंगे।
इन स्टॉलों के जरिए पुलिस के आगामी बड़े प्रोजेक्ट की रूपरेखा भी प्रस्तुत की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री स्वयं प्रदर्शनी और स्टॉलों का निरीक्षण करेंगे।
क्या है ई-जीरो एफआईआर?
ई-जीरो एफआईआर एक आधुनिक और सुविधाजनक व्यवस्था है, जिसके तहत पीड़ित व्यक्ति थाना क्षेत्र की परवाह किए बिना ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है। जीरो एफआईआर के नियम के अनुसार, किसी भी थाने में शिकायत दर्ज की जा सकती है, जिसे बाद में संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद राज्य में कहीं से भी तुरंत एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। खासकर चारधाम यात्रा और अन्य अवसरों पर आने वाले पर्यटकों को इससे बड़ी सुविधा मिलेगी।
तीसरा राज्य बनेगा उत्तराखंड
वर्तमान में देश में मध्य प्रदेश और दिल्ली में ई-जीरो एफआईआर लागू है। उत्तराखंड में इसकी शुरुआत होने पर यह देश का तीसरा राज्य बन जाएगा।
उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता सुनील कुमार मीणा ने बताया कि यह गृह मंत्रालय का प्रोजेक्ट है और इसके शुभारंभ की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साथ ही नए आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।